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रुद्राभिषेक - रुद्र अभिषेक - अर्थात् भगवान शिव का अभिषेक

रुतम्-दु:खम्, द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र:

अर्थात् कि रुद्र (शिव) सभी दु:खों को नष्ट कर देते हैं।

धर्मग्रंथों के अनुसार हमारे द्वारा किए गए पाप ही हमारे दु:खों के कारण हैं। रुद्राभिषेक से हमारे समस्त पाप भी जलकर भस्म हो जाते हैं, भगवान शिव का शुभाशीर्वाद प्राप्त होता है और हमारे सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि एकमात्र सदाशिव रुद्र के पूजन से सभी देवताओं की पूजा स्वत: हो जाती है।

इसी हेतु वयं के माध्यम से हम सभी भक्तों को अवसर दे रहे हैं घर बैठे रुद्राभिषेक के पुण्य का लाभ लेने के लिए।

 

सुखस्य मूलं धर्म:

The basis of “sukha” or all true pleasantness is “dharma” or righteous conduct.

सुख का मूल है, धर्म।

आचार्य चाणक्य के इस मूल मंत्र को साधना ही वयं (www.vayam.app) का लक्ष्य है।

श्रूयतां धर्म सर्वस्वं श्रुत्वा चैव अनुवर्त्यतां

अतः आगच्छत, वयमेन सह, धर्मपरो भवत

धर्म का सर्वस्व क्या है? सुनो और सुनकर उस पर चलो। इसलिए आप सब आएं, वयं के साथ धर्म परायण बनें।

What is the essence of our Dharma? To listen and to walk on it. So come and walk on the path of Dharma with Vayam.

 

डिजिटल माध्यम से सभी को धर्म परायण बनाने का एक प्रयास है, वयं।

हमारी गोशालाओं, मंदिरों, तीर्थ स्थलों, आश्रमों, मठों को डिजिटल माध्यम से पूरे विश्व के हर हिंदू परिवार तक पहुँचाने का प्रयास है, वयं।

भारत को विश्व गुरु बनाने हेतु सम्पूर्ण धार्मिक पारितंत्र को डिजिटल तकनीकी से जोड़ने का प्रयास है, वयं।

अहं को त्याग सभी को संगठित कर वयं करने का प्रयास है, वयं।

सर्व जनों को धर्म पथ पर तत्पर कर कर्मयोगी बनाने का प्रयास है, वयं।

आइए आप भी इस महा यज्ञ में सम्मिलित हो धर्म का प्रसार करें।

 

ॐ नमः शिवाय 

The world today is facing a lot of challenges in the form of war, terrorism, pandemic, hunger, and economic uncertainty. As per our shastras, Mahadev Shiva, if pleased, can remove all evils and suffering for all living beings. It is with this intent that we, at Vayam, are organising the World’s Largest Online Rudrabhishek to pray for World Peace, Humanity’s Welfare and Ending Terrorism. It will have 100K devotees worldwide taking the sankalp at the same time digitally. 

We have chosen the date as 11th September, 2022 to spread the message of world peace by commemorating the 129 years of Swami Vivekananda’s 1893 speech at World’s Parliament of Religion and to remember all the victims of 9/11 terrorist attacks in the USA.

By Mahadeva’s blessings, the primary venue is Kashi Vishwanath Temple, Varanasi. Simultaneously, it will happen in temples worldwide, including jyotirlingas and Shiva temples in Maharashtra. This event will reach millions of people worldwide with a clear message, that we stand for peace, harmony & development. 

With blessings from Swami Vigyananand ji, this initiative is led by Vayam's Founder & CEO, Gaurav Tripathi with support from Vishwa Hindu Parishad and other organisations. 

We are based out of Bengaluru and Pune.